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बिहार-यूपी में दहशत फैलाने वाला साइको किलर गुरप्रीत सिंह एनकाउंटर में ढेर

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बिहार और यूपी में 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाला साइको किलर गुरप्रीत सिंह यूपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। आरोपी चलती ट्रेन और अस्पताल में वारदात को अंजाम दे रहा था।

पटना/आलम की खबर: बिहार और उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही सनसनीखेज हत्याओं से दहशत फैलाने वाले साइको किलर का आखिरकार अंत हो गया। 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की कनपटी पर गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी गुरप्रीत सिंह को यूपी पुलिस ने देर रात हुए एनकाउंटर में मार गिराया। इस पूरे मामले ने बिहार से लेकर यूपी तक लोगों को हिलाकर रख दिया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे सामने आए, उसने पुलिस अधिकारियों तक को हैरान कर दिया।

मृत आरोपी की पहचान Gurpreet Singh के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था और सेना से रिटायर हो चुका था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी शराब के नशे में अपना मानसिक संतुलन खो देता था और बेहद हिंसक हो जाता था। पूछताछ के दौरान उसके बयान ने पुलिस को भी चौंका दिया था। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने खुद कबूल किया था कि उसने कई लोगों की हत्या की है।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत रविवार सुबह हुई, जब चंदौली जिले में एक पैसेंजर ट्रेन के अंदर एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी मंगरू के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने बेहद नजदीक से कनपटी पर गोली मारी और फिर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर फरार हो गया। घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए।

पहली वारदात के कुछ ही घंटे बाद आरोपी ने दूसरी हत्या को अंजाम दिया। इस बार उसने जम्मूतवी एक्सप्रेस में बिहार के गया निवासी दिनेश साहू को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि दिनेश साहू ट्रेन के बाथरूम से बाहर निकले ही थे कि आरोपी ने बेहद करीब से उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही उनकी मौके पर मौत हो गई। लगातार दो ट्रेनों में हुई हत्या के बाद रेलवे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मामला यहीं नहीं रुका। सोमवार सुबह आरोपी चंदौली के एक निजी अस्पताल में पहुंचा, जहां इलाज करा रही बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली लक्ष्मीना देवी को गोली मार दी गई। बताया जा रहा है कि महिला अस्पताल के बेड पर भर्ती थीं और आरोपी ने सीधे उनकी कनपटी पर गोली दाग दी। अस्पताल परिसर में अचानक हुई फायरिंग से मरीजों और उनके परिजनों में भगदड़ मच गई।

हालांकि इस बार आरोपी ज्यादा देर तक बच नहीं सका। वारदात के बाद जब वह अस्पताल से भागने की कोशिश कर रहा था, तभी आसपास मौजूद लोगों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे गहन पूछताछ शुरू की।

पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि तीनों हत्याओं का तरीका बिल्कुल एक जैसा था। आरोपी अपने शिकार की कनपटी पर बेहद करीब से गोली मारता था। इसी समान पैटर्न ने पुलिस को शक दिलाया कि तीनों घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति हो सकता है। बाद में पूछताछ में आरोपी ने तीनों हत्याओं की बात स्वीकार कर ली।

Akash Patel के अनुसार आरोपी को सोमवार को हिरासत में लिया गया था। देर रात पुलिस उसे घटनास्थल की जानकारी और क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए रेलवे ट्रैक के पास लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से एक पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों के अनुसार आरोपी के सिर और सीने में गोली लगी थी। एनकाउंटर के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली, क्योंकि आरोपी की गतिविधियों से लगातार दहशत फैल रही थी।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि गुरप्रीत सिंह कुछ दिन पहले बिहार के आरा इलाके में गार्ड की नौकरी करने गया था। लेकिन शराब पीकर हंगामा करने और असामान्य व्यवहार के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह लगातार ट्रेनों में घूमता रहा और मानसिक रूप से अस्थिर व्यवहार करता रहा।

इस पूरे मामले ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार ट्रेनों में हत्या की घटनाओं से यात्रियों में डर का माहौल बन गया था। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कब और कहां आरोपी किसी को अपना निशाना बना दे।

अस्पताल में हुई गोलीबारी ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिस तरह आरोपी अस्पताल में घुसकर खुलेआम गोलीबारी कर रहा था, उसने आम लोगों को झकझोर कर रख दिया। सोशल मीडिया पर भी इस पूरे मामले को लेकर लगातार चर्चाएं चलती रहीं।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चिंता जताई गई। लोगों का कहना है कि अगर आरोपी को समय रहते नहीं पकड़ा जाता तो वह और भी बड़ी घटनाओं को अंजाम दे सकता था। यूपी पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद खतरनाक था और उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। आरोपी के आपराधिक इतिहास, उसकी गतिविधियों और हथियारों के स्रोत की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने जिन हथियारों का इस्तेमाल किया, वे कहां से हासिल किए गए थे।

इस सनसनीखेज हत्याकांड और एनकाउंटर ने बिहार और यूपी दोनों राज्यों में लोगों को झकझोर दिया है। लगातार तीन हत्याओं और फिर पुलिस मुठभेड़ में आरोपी के मारे जाने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

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